माँ वैष्णोदेवी की अपार कृपा से जम्मू में पहली बार अद्भुत अविस्मरणीय अम्बा यज्ञ 6 फरवरी 2027 से 15 फरवरी 2027 तक होने जा रहा है। इस अम्बा यज्ञ में 10 महाविद्या रुपी 10 यज्ञशालाओं में 51 हवन कुण्ड बनाये जायेंगे। 9दिनों तक श्रीमद्देवी भागवत कथा का आयोजन किया गया है। 9 करोड़ नवार्ण मन्त्र के जप का लक्ष्य है। दुर्गा की भिन्न भिन्न 66 मूर्तियां बनाई जायेंगी। एक लाख रुद्राक्ष की पूजा, एक लाख कमलगट्टों की पूजा, एक लाख रक्त चन्दन की पूजा होगी। 11000 महिलाएं कलश यात्रा में भाग लेंगी। 9 दिन अखण्ड जय माता दी का जप किया जायेगा। श्रीयंत्र की पूजा, गायत्री मंत्र का जप, महामृत्युजंय मन्त्र का जप, हनुमान चालीसा पाठ, दुर्गा चालीसा पाठ व कई अन्य अनुष्ठान करने की योजना है। 318 कन्या पूजन, 318 सुहागन पूजन, बटुक पूजन और अन्त्यज पूजन भी होंगे। प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्य आकर्षण 9 लाख दीपक प्रज्वलित करने का विलक्षण दृश्य होगा। आप सभी से अनुरोध है कि आप इस महान यज्ञ में सम्मिलित होकर अपना जीवन सफल बनायें।

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

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About Amba Yagya

Amba Yagya is a sacred Vedic fire ritual dedicated to Jagadamba (Divine Mother). It is performed for the welfare of humanity, spiritual upliftment, inner purification, peace, prosperity, and universal harmony.
 
According to Shrimad Devi Bhagavat Mahapurana, Bhagwan Vishnu himself explained the sacred science of Yagyas to the Devas. Among the many Yagyas described in the scriptures—such as Rudra Yagya, Soma Yagya, Vajapeya Yagya, Ashwamedha Yagya, and Vishnu Yagya—Amba Yagya holds a unique place as a path to both material well-being and spiritual liberation (Moksha).